वर्तमान दिन के गतिषील माहौल में समताओ के निजी स्तर दर उन्यन करने की आवष्यकता है। खाद्य सुरक्षा संस्थान में शिक्षा एवं विकास की रणनितिक प्रक्रिया के तौर पर वकालत की जाती है जो कि संस्थान में व्यापक प्राथमिकता में शिक्षित किया जाता है। सभी कार्यक्रम अनाजो के गुणवत्ता पहलू को समृध्द बनाने के लिये प्रयत्न किया जा रहा है।
भारतीय खाद्य निगम के कर्मचारियों को................... प्रदर्षन/अनावरण के लिये खाद्य सुरक्षा संस्थान में सक्रियता से सुझ-बूझ वाले प्रतिश्ठ व्यक्तियो को सम्मिलित किया है। खाद्य सुरक्षा संस्थान में भारतीय खाद्य निगम के दोनो निबंधन मात्रा एवं गुणवत्ता प्रशिक्षण प्रयत्न के कार्यक्रम संचालको मजबूत करने के लिये कई उपाय किये गये है। सुधरे हुऐ बुनियादी ढाँचे के साथ खाद्य सुरक्षा संस्थान में प्रषिक्षण सुविधाये अन्य सस्थानो की और बढ़ाया है एवं बिना उपयोग के ढाँचे को भुगतान के आधार दर किराए/भाड़े पर दिया है। भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों को अच्छे प्रषिक्षण के अवसर के प्रावधान के लिये संस्थान में लगातार रुपांकन एवं कार्यक्रम देने के अवसर को उन्नयन किया है। खाद्य सुरक्षा संस्थान, भारतीय खाद्य निगम द्वारा लख्य प्राप्ति की सदस्यता के लिए सक्षमता एवं नई सस्थांनिक सर्मथता के लिये वचनबध्द है।
मुझे विषवास है की जो खाद्य सुरक्षा संस्थान के कार्यक्रम में उपस्थित हो रहे है वो बहुमूल्य सूक्ष्म दृश्ट्रि प्राप्त करेगें एवं संगठन के साथ-साथ खाद्यान्न के विकास के लिये महत्वपूर्ण योगदान देगे।
( अंजलि आनंद श्रीवास्तव, IA&AS)
कार्यकारी निदेषक (कार्मिक)